राखीगढ़ी के ‘युगल कंकाल’: 4,500 साल पुरानी कब्र या अमर प्रेम की दास्तान?
रियाणा के राखीगढ़ी में मिले स्त्री-पुरुष के एक साथ दफनाए गए कंकाल ने इतिहासकारों में बहस छेड़ दी है. क्या यह प्रेम था, कोई प्राचीन रस्म या अचानक आई आपदा? पढ़िए वैज्ञानिक पड़ताल
रियाणा के राखीगढ़ी में मिले स्त्री-पुरुष के एक साथ दफनाए गए कंकाल ने इतिहासकारों में बहस छेड़ दी है. क्या यह प्रेम था, कोई प्राचीन रस्म या अचानक आई आपदा? पढ़िए वैज्ञानिक पड़ताल
साल 1010, कावेरी नदी के किनारे बसा तंजावुर शहर.….. मशालों की मद्धिम रोशनी में हज़ारों शिल्पकार, ज्योतिषी और गणितज्ञ रात के अंधेरे में एक नक्शे पर झुके हुए थे. सम्राट राजराज चोल प्रथम का सपना कोई साधारण पूजा-स्थल बनाना नहीं था. वे एक ऐसा स्मारक खड़ा करना चाहते थे जो समय की सीमाओं को लांघ…
साल 1859… कलकत्ता के मंच पर, एक रात, नाटक चल रहा था: ‘नील दर्पण’… दर्शक स्तब्ध बैठे थे. मंच पर एक बूढ़ी मां, साबित्री, अपने जवान, असहाय बेटे नवीन की ओर देख रही है. नवीन ने अपने खेत में नील उगाने से मना कर दिया है. अंग्रेज नीलकर, मिस्टर रोज हंसते हुए, नवीन को धक्क…
कीव शहर. साल 1941. आसमान पर जर्मन फ़ौज के क्रूर काले साए मंडरा रहे थे. शहर के यहूदी समुदाय में एक अजीब सी फुसफुसाहट थी. दीवारें पोस्टर और आदेशों से पटी पड़ी थीं. आदेश साफ़ था: “सभी यहूदी, अपने ज़रूरी सामान और गरम कपड़े लेकर मंगलवार की सुबह 8 बजे निश्चित स्थानों पर इकट्ठा हो…
इजराइल (Israel)…. फिलिस्तीन (Palestine)…दो नाम जो खबरों में छाए हुए हैं……पूरी दुनिया इनके बीच की दुश्मनी की भयानक जंग देख रही है. अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे इजराइल के यहूदी (Jewish) कौन हैं… चलिए जानते हैं हिस्ट्री की मिस्ट्री में- लगभग चार हजार वर्ष पूर्व यहुदी धर्म का इतिहास मिस्र के नील नदी से लेकर वर्तमान इराक़ के दजला-फरात नदी…