आज सोशल मीडिया पर एक हैशटैग #WaqfChor बवाल मचा रहा है, एक ऐसा बवंडर उठा है जो वक्फ बोर्ड की सदियों पुरानी व्यवस्था को नंगा कर रहा है. वक्फ, जो कथित रूप से इस्लाम में दान की गई संपत्ति का पवित्र रूप है – जो मस्जिद, मदरसा, या गरीबों की मदद के लिए है – आज भ्रष्टाचार, जमीन हड़पने और फर्जीवाड़े का पर्याय बन चुका है. भारत में 9.4 लाख एकड़ वक्फ संपत्ति, जिसकी कीमत 1.2 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है, लूट और लापरवाही की भेंट चढ़ रही है. हाल ही में बिहार के Omair Khan का स्कैंडल उजागर हुआ है.
वायरल वीडियो: 10-11 अक्टूबर 2025 को एक वीडियो ने सोशल मीडिया पर तूफान ला दिया. बिहार कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के अध्यक्ष Omair Khan जिसपर जिम्मेदारी थी मुस्लिमों के हक की सुरक्षा की, उसपर अब यह आरोप है कि इसने 331 फर्जी रजिस्ट्रियां बनाकर 19,000 एकड़ से ज्यादा वक्फ जमीन हड़पीं, जिसपर इसका और इसके परिवार का अवैध कब्ज़ा है. गया का प्लाजा मार्केट (इर्शाद मंजिल) और ‘सेंसन्स वर्ल्ड स्कूल’ पर अवैध कब्जे का दावा किया जा रहा है.
फर्जी दस्तावेजों का खेल:
- तरीका: बोर्ड के अधिकारी फर्जी दस्तावेज बनाकर जमीनें अपने, रिश्तेदारों या बाहरी पार्टियों के नाम रजिस्टर करते. ओमैर खान केस में 331 फर्जी रजिस्ट्रियां, बोर्ड की स्टैंप का दुरुपयोग।
- स्केल: 2020-2025 में 21 बड़े केस, हजारों फर्जी डीड्स. दिल्ली में पूर्व वक्फ चेयरमैन अमानतुल्लाह खान पर भ्रष्टाचार और भर्ती घोटाले के लिए 2024 में गिरफ्तारी.
- 1932 की ब्रिटिश कमिटी रिपोर्ट में भी ‘मुटावल्ली’ (वक्फ प्रबंधक) द्वारा संपत्ति बेचने/हड़पने की शिकायतें थीं. आज भी वही हाल है – बोर्ड मेंबर्स और स्थानीय नेताओं का नेक्सस बना हुआ है.
वक्फ बोर्ड: पवित्र मकसद, काला कारोबार
- वक्फ क्या है?: वक्फ वह संपत्ति है, जो मुस्लिम समुदाय धर्म, शिक्षा या दान के लिए दान करता है. मस्जिद, कब्रिस्तान, स्कूल या अनाथालय इसके उदाहरण हैं. भारत में केंद्रीय और राज्य वक्फ बोर्ड (1995 के वक्फ एक्ट के तहत) इनका प्रबंधन करते हैं.
- संपत्ति का आंकड़ा: देश में 8.72 लाख वक्फ संपत्तियां हैं, जो 9.4 लाख एकड़ जमीन पर फैली हैं. यह बोर्ड रेलवे और सेना के बाद तीसरा सबसे बड़ा जमीन मालिक है. कुल कीमत है लगभग 1.2 लाख करोड़ रुपये. लेकिन इससे आय कितनी होती है? सिर्फ 163 करोड़ रुपये सालाना (2006 की सचर कमिटी रिपोर्ट). अब सोचिए कि बाकी का पैसा कहां जाता है? जवाब है- हवा में!
- मूल समस्या: वक्फ एक्ट में कोई समय सीमा तय नहीं है – बोर्ड सैकड़ों साल पुरानी जमीन पर भी दावा ठोक सकता है. बोर्ड बिना नोटिस के जमीन पर दावा ठोकता है, और केस ट्रिब्यूनल में सालों चलता है. कोर्ट की जगह वक्फ ट्रिब्यूनल है, जो अक्सर बोर्ड के पक्ष में ही फैसला देता है.
लूट का लेखा-जोखा: कितना और कैसे?
वक्फ बोर्ड की संपत्तियों में भ्रष्टाचार इतना गहरा है कि 90% जमीनें या तो कब्जे में हैं या कोर्ट में फंसी हैं.
जमीन हड़पने का पैमाना:
- आंकड़ा: 9.4 लाख एकड़ में से 58% (लगभग 5.45 लाख एकड़) पर अवैध कब्जे. पंजाब में 75,965 संपत्तियों में से आधे से ज्यादा पर कब्जा, खासकर 1947 के बंटवारे के बाद.
- मूल्य: कुल संपत्तियों की कीमत 1.2 लाख करोड़. सचर कमिटी के मुताबिक, अगर सही मैनेजमेंट हो, तो सालाना 6,000-10,000 करोड़ की आय हो सकती है. लेकिन वास्तव में कितनी आय है? सिर्फ 163 करोड़.
- उदाहरण: कर्नाटक में 1.5 लाख एकड़ वक्फ जमीन पर दावा, जिसमें किसानों की खेती और सरकारी इमारतें शामिल हैं. 2025 में उज्जैन (मध्य प्रदेश) में मंदिर विस्तार के लिए वक्फ जमीन जब्त, 90% प्रॉपर्टी कोर्ट में है.
- किराए और राजस्व की लूट:
- तरीका: मस्जिदों, दुकानों और अन्य वक्फ संपत्तियों से किराया आता है, लेकिन ये बोर्ड के खाते में न जाकर मिडलमैन की जेब में जाता है. राजनीतिक नियुक्तियों (पार्टी समर्थकों की बोर्ड में पोस्टिंग) ने इसे और बदतर किया है.
- आंकड़ा: 4.9 लाख संपत्तियों से संभावित 6,000 करोड़ की आय, लेकिन सिर्फ 163 करोड़ रिकॉर्ड में हैं. हरियाणा, दिल्ली और कर्नाटक में ‘पॉलिटिकल क्रोनीज’ ने करोड़ों गटक लिए.
- उदाहरण: कर्नाटक वक्फ बोर्ड ने 4 करोड़ रुपये सरकारी फंड लिए, लेकिन स्कूलों/मदरसों तक मदद नहीं पहुंची. बिहार में गया की वक्फ प्रॉपर्टी से किराया गायब है.
वक्फ (संशोधन) बिल 2025: सुधार या सियासत?
- क्या बदला?: अप्रैल 2025 में लोकसभा (288-232 वोट) और राज्यसभा से बिल पास.
- सभी वक्फ संपत्तियों का डिजिटल रिकॉर्ड.
- अनिवार्य ऑडिट और ट्रांसपेरेंसी.
- बोर्ड में गैर-मुस्लिम सदस्य और सरकारी ओवरसाइट.
- ट्रिब्यूनल्स की जगह कोर्ट्स में अपील का रास्ता.
- सरकार का दावा: “वक्फ बोर्ड्स में भ्रष्टाचार खत्म होगा. मुस्लिम समुदाय को सही फायदा मिलेगा.”
- विपक्ष का हल्ला: Congress, TMC और AIMIM ने इसे “मुस्लिम संपत्ति पर हमला” बताया. ओवैसी बोले, “ये हिंदू राष्ट्रवाद का हथकंडा है” सुप्रीम कोर्ट में बिल चैलेंज, सुनवाई बाकी.
अब देखना यह है कि BJP वोट चोरी का आरोप मढ़ने वाले राहुल गांधी इस वक्फ चोरी पर क्या कहते हैं.
